September 27, 2022

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राजस्थान सियासी घमासान- गहलोत बनाम पायलट!

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राजस्थान सियासी घमासान-गहलोत बनाम पायलट!

आज राजस्थान में सत्ता के लिए छिड़े घमासान का 13वाँ दिन है और बैठकों और याचिकाओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। बीते दिन हाई कोर्ट में स्पीकर सीपी जोशी के “कारण बताओ” नोटिस जारी करने के खिलाफ पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट व उनके करीबी विधायकों ने याचिका दायर की।

मुकदमा पायलट की ओर से पूर्व एटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी व वरीय अधिवक्ता हरिश साल्वे ने लड़ा तथा सीपी जोशी की ओर से कांग्रेस नेता व वरीय अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने।

सुनवाई का मुद्दा यह था कि पायलट खेमा पार्टी व्हिप के खिलाफ जाकर मीटिंग में नहीं आई। अभिषेक मनु सिंघवी की ओर से कहा गया कि यहाँ स्पष्ट रूप से दसवें अनुसूची के अंतर्गत दल-बदल कानून का उल्लंघन किया गया है। जवाब देते हुए हरिश साल्वे ने कहा कि कोई उल्लंघन नहीं किया गया है, पार्टी व्हिप सदन की कार्यवाही के दौरान लागू होता है। यहाँ अगर मुख्यमंत्री के दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज़ उठाने पर कार्यवाही की जाती है तो यह स्पष्ट रूप से बोलने की आजादी के मौलिक अधिकार का हनन होगा। एक अन्य तर्क पर सिंघवी ने कहा कि स्पीकर ने सिर्फ़ नोटिस भेजा है, निलंबन की कोई कार्यवाही नहीं की गई है जिसके जवाब में मुकुल रोहतगी ने कहा कि कोरोना काल के दौरान सिर्फ़ तीन दिन का वक़्त क्यों दिया गया, आखिर इतनी जल्दबाजी क्यों कम से कम सात दिन का मौका दिया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत म्हणती के बेंच ने सभी दलीलों को सुनकर पायलट खेमे के राहत हेतु फ़ैसला दिया जिसपर 24 जुलाई तक का समय दिया गया। उम्मीद है कि कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा सकते है,

मगर फिलहाल पायलट को राहत मिली।

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